शनिवार, 10 अक्टूबर 2026·
लॉगिन

विद्रोही आनंद

सत्य • निष्पक्षता • जनहित

ब्रेकिंग
मेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्यदिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, राजकीय सम्मान के साथ पुणे के पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कारभारतीय रिज़र्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी के बाद आम आदमी को झटका: होम लोन और ऑटो लोन की EMI बढ़ने के आसारसहकारी समितियों के कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी, वेतनमान को लेकर 22 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी धरने का ऐलान पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने की तैयारी, विधानसभा में पेश होगा नया विधेयकमेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्यदिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, राजकीय सम्मान के साथ पुणे के पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कारभारतीय रिज़र्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी के बाद आम आदमी को झटका: होम लोन और ऑटो लोन की EMI बढ़ने के आसारसहकारी समितियों के कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी, वेतनमान को लेकर 22 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी धरने का ऐलान पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने की तैयारी, विधानसभा में पेश होगा नया विधेयक

ताज़ा अपडेट

1
राष्ट्रीय

मेडिकल स्टोर्स पर पारदर्शिता के लिए यूपी सरकार की नई गाइडलाइन: दवाओं की उपलब्धता और मूल्य का डिजिटल डेटा प्रदर्शित करना अनिवार्य

1
राष्ट्रीय

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन, राजकीय सम्मान के साथ पुणे के पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

1
राष्ट्रीय

भारतीय रिज़र्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी के बाद आम आदमी को झटका: होम लोन और ऑटो लोन की EMI बढ़ने के आसार

1
राष्ट्रीय

सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी, वेतनमान को लेकर 22 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी धरने का ऐलान

1
राष्ट्रीय

पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने की तैयारी, विधानसभा में पेश होगा नया विधेयक

1
अंतरराष्ट्रीय

रसायन विज्ञान (Chemistry) के नोबेल पुरस्कार 2026 का ऐलान: फ्रांस के हेनरी बी कागन और जापान के केंसो सोई को मिलेगा संयुक्त सम्मान

1
राष्ट्रीय

चुनाव आयोग की बड़ी पहल: 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'विशेष एनरोलमेंट ड्राइव' की शुरुआत, नए मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे

1
राष्ट्रीय

एशियन गेम्स 2026: स्वदेश लौटे भारतीय पदकों के वीरों का दिल्ली एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत, ढोल-नगाड़ों और फूलों से गूंजा परिसर

1
राष्ट्रीय

यूपी में बुनियादी ढांचे और नगर विकास योजनाओं को मिली नई रफ्तार, सीएम योगी ने दिए कड़े निर्देश

1
राष्ट्रीय

दिल्ली में ECI और SIR प्रक्रिया के खिलाफ INDIA गठबंधन का जोरदार विरोध मार्च, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हिरासत में

राष्ट्रीय

पूर्व IAS दिव्या मित्तल की यूपी की राजनीति में धमाकेदार एंट्री, बोलीं- 'जनता के अधिकारों और जवाबदेही के लिए करूंगी काम'

उत्तर प्रदेश की चर्चित और निडर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखने का ऐलान किया है। उन्होंने जनसेवा और व्यवस्था में सुधार को अपना मुख्य लक्ष्य बताया।

विद्रोही आनंद डेस्क
1

पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री: बोलीं— "जनता के अधिकारों, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए सड़क से सदन तक लड़ूंगी"

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित और सख्त छवि वाली पूर्व प्रशासनिक अधिकारी दिव्या मित्तल ने आधिकारिक रूप से सक्रिय राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है। प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा/सेवानिवृत्ति के बाद उनके इस कदम ने प्रदेश के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। अपने जनहित के कार्यों और त्वरित फैसलों के लिए पहचानी जाने वाली दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि उनका राजनीति में आने का मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र में जवाबदेही तय करना और आम जनता के अधिकारों की रक्षा करना है।

प्रशासनिक अनुभव से जनसेवा की नई राह

मीडिया से बातचीत करते हुए दिव्या मित्तल ने कहा, "प्रशासनिक सेवा के दौरान मैंने देखा है कि नीतियां कागजों पर तो बहुत अच्छी बनती हैं, लेकिन धरातल पर उनका लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचने में कई रुकावटें आती हैं। अब मैं सीधे जनता के बीच रहकर, उनके अधिकारों के लिए और शासन-प्रशासन की जवाबदेही तय करने के लिए काम करूंगी।"

उन्होंने आगे कहा कि राजनीति उनके लिए सत्ता हासिल करने का साधन नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर सामाजिक परिवर्तन लाने और नौकरशाही की कमियों को दूर करने का एक सशक्त माध्यम है।

चर्चित कार्यशैली और जनता से जुड़ाव

दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी (DM) और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान:

  • त्वरित समाधान: उन्होंने जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और ई-गवर्नेंस पर विशेष जोर दिया।

  • विकास योजनाएं: शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उन्होंने कई नवाचार किए।

  • पारदर्शिता: भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए भी वह जानी जाती हैं।

सियासी गलियारों में नई सुगबुगाहट

दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की घोषणा के बाद प्रदेश के राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों की निगाहें उन पर टिक गई हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस राजनीतिक दल का दामन थामेंगी या फिर एक स्वतंत्र नागरिक मंच के माध्यम से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी।

उनके समर्थकों का मानना है कि एक शिक्षित, अनुभवी और ईमानदार पूर्व अधिकारी के राजनीति में आने से प्रदेश के युवाओं और बुद्धिजीवी वर्ग में सकारात्मक संदेश जाएगा। आने वाले दिनों में उनके अगले कदम और राजनीतिक मंच के चयन पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी।

2
3
4
5
शेयर करें:WhatsAppXInstagram Stories