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स्काईरूट एयरोस्पेस ने रचा इतिहास, भारत की पहली निजी ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्चिंग सफल

विक्रम-I रॉकेट ने श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी, यह किसी निजी भारतीय कंपनी द्वारा किया गया पहला ऑर्बिटल प्रक्षेपण है।

विद्रोही आनंद डेस्क

भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान "विक्रम-I" ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक उड़ान भरी।

यह भारत की धरती से किसी निजी कंपनी द्वारा किया गया पहला ऑर्बिटल रॉकेट प्रक्षेपण है, जो देश के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है।

अब तक भारत में ऑर्बिटल प्रक्षेपण मुख्य रूप से सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा ही किए जाते रहे हैं। स्काईरूट की इस सफलता से निजी क्षेत्र के लिए अंतरिक्ष उद्योग में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।

इसी महीने इसरो ने भी अपने पहले मानव अंतरिक्ष मिशन से जुड़ी कुछ अहम तकनीकी जांच पूरी की हैं, जिसमें क्रू मॉड्यूल से जुड़े तीन बड़े क्वालिफिकेशन टेस्ट शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र और तेज़ी से आगे बढ़ सकता है, जिससे लागत में कमी और नवाचार में बढ़ोतरी दोनों संभव होंगे।

सरकार भी हाल के वर्षों में निजी अंतरिक्ष कंपनियों को बढ़ावा देने की नीति अपनाती रही है, जिसका असर अब ज़मीन पर दिखना शुरू हो गया है।

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