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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की समयसीमा बीती, टैरिफ में राहत नहीं मिली

24 जुलाई की समयसीमा तक दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौता नहीं हो सका, जिससे अमेरिका में भारतीय निर्यात पर ऊंचा शुल्क जारी रहा।

विद्रोही आनंद डेस्क

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर 24 जुलाई की समयसीमा तय की गई थी, लेकिन इस तारीख तक दोनों पक्षों के बीच कोई औपचारिक समझौता नहीं हो सका।

फरवरी 2026 में हुए एक समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगने वाले पारस्परिक शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था, और मसाले, चाय, कॉफी, काजू तथा आम जैसे कृषि उत्पादों पर शुल्क पूरी तरह हटा दिया गया था।

इसके बाद अस्थायी रूप से लागू शुल्क व्यवस्था की समयसीमा 24 जुलाई को समाप्त हो रही थी, जिससे पहले दोनों देशों के व्यापार प्रतिनिधि अंतिम समझौते पर बातचीत कर रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक बातचीत दस्तावेज़ के अंतिम चरण में ही अटकी रही।

समयसीमा बीतने के बाद अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर शुल्क बढ़कर करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिसका असर कपड़ा, रत्न-आभूषण और ऑटो पार्ट्स जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर पड़ा।

भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि बातचीत की प्रक्रिया जारी रहेगी। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने संकेत दिया कि दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते तक पहुंचने के लिए प्रयासरत हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे शुल्क का असर आने वाले महीनों में भारत के निर्यात आंकड़ों पर देखा जा सकता है, हालांकि दोनों देशों के बीच बातचीत का अगला दौर जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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